हमारा हर लम्हा चुरा लिया आपने, आँखों को एक चाँद दिखा दिया आपने, हमें ज़िन्दगी दी किसी और ने, पर प्यार इतना दे कर जीना सीखा दिया आपने।
सितम को हमने बेरुखी समझा, आप की हर बात को बंदगी समझा, आप समझो हमें जो भी, हमनें तो आपको ज़िन्दगी समझा
आपका शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करूँ, आप करें बेवफाई और मैं हमेशा वफ़ा करूँ, मेरी संस्कारों ने बस इतना सिखाया मुझे, खुद मिट जाऊं पर आपके लिए दुआ करूँ
हमारी गलतियों से कहीं टूट न जाना, हमारी शरारत से कहीं रूठ न जाना, तुम्हारी चाहत ही हमारी ज़िन्दगी है, कभी भी मेरे बंधन को भूल न जाना।
चाहो तो दिल से मुझको मिटा देना, चाहो तो मुझको भुला देना, पर एक वादा करना की कभी भी मेरी याद आये, तो गलत मत समझना।